बौद्धिक संपदा अधिकार समझौते पर अविलंब छूट दे डब्ल्यूटीओ : मंच

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विश्व व्यापार संगठन बौद्धिक संपदा अधिकार समझौते के प्रावधानों के तहत अविलंब छूट दे। विश्व के सभी देशों की सरकारें चंद पेटेंट धारक फार्मा कंपनियों के अलावा अन्य सभी दवा व वैक्सीन निर्माता कंपनियों को उत्पादन का अधिकार, आवश्यक प्रौद्योगिकी, उत्पादन सामग्रियां उपलब्ध कराए और प्रोत्साहन दें। ताकि अधिकाधिक पेटेंट मुक्त वैक्सीन एवं दवाइयों का उत्पादन कर ससमय विश्व के करोड़ों पीड़ित मानवता को मुफ्त उपलब्ध कराया जा सके। यह बातें विश्व जागृति दिवस पर छोटी अलीगंज में स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत अभियान प्रमुख दिगेश त्रिवेदी ने कही।

स्वदेशी जागरण मंच की ओर से देश भर में जारी यूनिवर्सल एक्सेस टू वैक्सिस एंड मेडिसिस कैंपैन (युवम) यानी वैश्विक सर्व सुलभ टीकाकरण एवं दवाइयां अभियान के तहत विश्व जागृति दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मंच के जिला संयोजक प्रदीप जायसवाल की अध्यक्षता में हुई। प्रांत अभियान प्रमुख ने कहा कि विश्व के लगभग 700 करोड़ से ज्यादा गरीबों को पेटेंट मुक्त व मुफ्त वैक्सिन एवं दवाई उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए मंच का अभियान जारी है। लेकिन अपना समर्थन देने के बावजूद अमेरिका की अस्पष्ट नीति तथा चंद वैश्विक फार्मा कंपनियों के दबाव में अभी तक विश्व व्यापार संगठन इस मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठी है। जबकि भारत तथा दक्षिण अफ्रीका संयुक्त रूप से विगत अक्टूबर महीने में ही ट्रिप्स समझौते के आधार पर छूट देने का प्रस्ताव रख चुके हैं। इसका विश्व के 120 देशों सहित विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी खुलकर समर्थन किया है। मंच के जिला विचार विभाग प्रमुख अमला शंकर मिश्रा उर्फ भानू दा ने कहा कि सर्वे भवन्तु सुखिनः के पैरोकार हमारा देश एवं स्वदेशी जागरण मंच का संघर्ष लक्ष्य प्राप्ति तक जारी रहेगा। 

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